पंचपरगनिया मसीही गीत-10 गीतकार आर रसिक: कृष्णा कारकुशा रंग- कोतिक सुंदर सृष्टी प्रभु, ऐहे पांच परगना के देले, ओ...प्रभु ईसुक सृष्टी सुंदर, सेहे हिंया आहे रंग बिरंग, १. झारना बहे पांच परगनाय-2 दसम , हिरनी , गौतम-धारा, २. माटी सुंदर पांच परगनाय, सोना उगे सउब जागाय-2 ३. बिहान बेराय खेते गोठे-2 लागलयं सृष्टी के साजाय ४. तामाड़ बुंडू गेले मानवा, नाइ पाले मनेक सांति, प्रभु ईसु सांति दाता, आवा हांकाते सउब समये